Skip to main content

बस ये कुछ दिन की दूरी है


बस ये कुछ दिन की दूरी है,
          फिर आएगी मिलन की बेला।
रब को यही मंजूर था, 
        इसलिए ये खेल उसने खेला।

तुमको पाने की चाहत में,
         मैंने भी खुशी से दुःख झेला।
बस ये कुछ दिन की दूरी है,
          फिर आएगी मिलन की बेला।

मोहब्बत में लगा है,
         ये जो दिलो का मेला।
कल तक हुआ करता था तन्हा,
         अब रहता है अकेला।

समझा लो तुम अपने दिल को,
                   ये  है बहुत जरूरी।
सात फेरे हो जाने दो,
           फिर होगी हर आरजू पूरी।

🌹अशवनी साहू🌹

Comments

Popular posts from this blog

महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

ARMY BOY 💂 RAMESHWAR SAHU ‘दुश्मन की गोलियों का, हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे. कर्मभूमि की दुनिया में  जय हिंद
                 🙏🌹 * किरीया * 🌹🙏 🌸नई कहव तोला किरिया खाय बर।            नई कहव तोला मर के देखाय बर।। 🌸कर के झन कर तै मोर संग प्यार।          मैं तो मर्थव रे टुरी तोला पाय बर।। 🌸सुरता आथस तै मोला सुरताय बर।              सपना में आथस नींद ले जगाय बर।। 🌸देखे बर तोला रे नैना मोर तरस जाथे।             एक बार आजा दरस देखाय बर।। 🌸मया के मीठ-मीठ गीत गाय बर।             मोर अंतस के बात ला बताये बर।। 🌸अब कर तहि गोरी कोनो उपाय।           का करव दिल के हाल सुनाय बर।। 🌸नई कहव तोला प्यास बुझाय बर।            नई कहव तोला दिल धड़काय बर।। 🌸तोर सूरता के मा...

🏄🏻🏄🏻

मैं ठहरा रहा समुंदर के किनारे पर, पर वक्त का दरिया बहता रहा। खामोश थी समुंदर की लहरें, और चुपचाप से कुछ कहता रहा। खड़ा रहा मैं अनजान बनकर चुपचाप, देखकर मेरी उदासी, वो इशारा कर गया। सहमा रहा दुनियां के डर से, मैं यही हूँ, और सब कुछ बह गया। 🏄🏻🏄🏻🏄🏻🏄🏻🏄🏻🏄🏻🏄🏻🏄🏻 🎍🌹अशवनी साहू 🌹🎍